विकलाँग

| लेखक- मोहित अग्रवाल | आह! कितना चुभता है न, ये शब्द विकलाँग, जाने क्यों ये शब्द मुझे हर बार अपने बेचारगी और बेबसी का अहसास करा जाता है । जाने क्यों ये शब्द मुझे हर बार एक लाचारी का अहसास करा जाता है, किसने बनाया ये शब्द? हमने! हाँ हमने और आपने ही तोContinue reading “विकलाँग”