The mysteries beyond

| Writer – Sanvi Arora | A thousand fantasies, a million theories, each more bizarre than the last and yet the universe surprises us more and more every day. There’s something alluring in the very fabric that makes space, it calls to me in a melody no one else seems to hear. The feeling ofContinue reading “The mysteries beyond”

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस – फेसबुक लाइव

| लेखिका – निवेदिता चक्रवर्ती | श्रीमती निवेदिता चक्रवर्ती ,सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कवयित्री, अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर अपने फेसबुक के पटल से लाइव आईं। इस लाइव कार्यक्रम का आयोजन निवेदिता जी ने देश के नागरिकों को बाघ संरक्षण का महत्व बताने हेतु किया। इस कार्यक्रम में ६ हज़ार (6000+) से अधिक दर्शक जुड़े और बहुतोंContinue reading “अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस – फेसबुक लाइव”

Abandoned Warehouse

| Writer – Deepti Agrawal | She felt a throbbing pain in her shoulder.  She tried to open her eyes but couldn’t. They were swollen. Her lips were bruised and she could taste stale blood. She could tell it was blood since she was familiar with this metallic taste now. The only sense that workingContinue reading “Abandoned Warehouse”

Mind over Matter

| Writer – Bhupender Tiku | “And you…when will you begin that long journey into yourself?”  Rumi Since times immemorial, human beings have tread upon the path of steady progression. The only cognitive faculty that has remained as a constant companion with them during this long journey is their MIND. The long sojourn, starting fromContinue reading “Mind over Matter”

नारी जीवन (एक दृष्टिकोण)

| लेखिका – निवेदिता चक्रवर्ती | नारी जीवन के बारे में यूँ तो बहुत कुछ लिखा गया है।  हमारा अधिकांशतः साहित्य नारी के ऊपर होने वाले अत्याचारों और नारी -प्रताड़ना से भरा हुआ है।  नारी को ” बेचारी ” का स्टैम्प बहुत स्वच्छंद तरीके से लगाया गया है। मेरा नारी जीवन के बारे में कुछContinue reading “नारी जीवन (एक दृष्टिकोण)”

The Road to Accepting Yourself: The Secret to a Better World

| Writer – Akshita Chauhan | Since the origin of mankind, competition in every field is evident. It has spread from strength and power, to beauty and elegance. Beauty, an aspect that was considered to be calm and soft, is now a battlefield that has given rise to demons like body shaming. Such demons prevailContinue reading “The Road to Accepting Yourself: The Secret to a Better World”

विकलाँग

| लेखक- मोहित अग्रवाल | आह! कितना चुभता है न, ये शब्द विकलाँग, जाने क्यों ये शब्द मुझे हर बार अपने बेचारगी और बेबसी का अहसास करा जाता है । जाने क्यों ये शब्द मुझे हर बार एक लाचारी का अहसास करा जाता है, किसने बनाया ये शब्द? हमने! हाँ हमने और आपने ही तोContinue reading “विकलाँग”

Getting Our Priorities Right

| Writer – Shibani Chakravorty | Hello, those who have been lost in the fog of allure. I was just going through the news and I came across some really disappointing things. Not like it is something new, whenever you pick up the newspaper or go to a news website you’re sure to find multipleContinue reading “Getting Our Priorities Right”

हिन्दी फिल्मों में गीत लेखन का इतिहास व गीतकारों की भूमिका

| लेखक – भूपेन्द्र | हिन्दुस्तानी फिल्मों में जब से बोलते चलचित्र का दौर आरम्भ हुआ, तब से पार्श्वगीत फिल्मों के एक अभिन्न अंग बन के उभर आये । सबसे पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ जो 1931 में प्रदर्शित हुई, उसमे 7 गाने थे। उसके तुरंत बाद ‘ शिरीं फर्हाद’ आयी जिसमे 42 गाने थे,Continue reading “हिन्दी फिल्मों में गीत लेखन का इतिहास व गीतकारों की भूमिका”

बोल कर तो देखो

| लेखक – विजय रुस्तगी | यह वर्ष 1983 की बात है, जब मैं बी.एच.ई.एल. दिल्ली में कार्यरत था। यह भारत सरकार की नव-रत्न कंपनियों में से एक है और अपनी दक्ष कार्य प्रणाली के लिए जानी जाती है । निर्देशक वित्त बहुत ही सख्त स्वभाव के थे । सभी कर्मचारी उनसे भय खाते थे। यहContinue reading “बोल कर तो देखो”